खेल खेल मैं कल मुझे से
कमरे का झूमर टूट गया
मम्मी से Promise किया था मैंने की बड़ा होके Spiderman बनूँगा
अब पापा देखेंगे तो कहेंगे की भैया नहीं चाहिए हमें ऐसा Spiderman
मम्मी पापा ने शायद शोर सुना नहीं या फिर दोनों टीवी लगा के सो गए थे
झूमर सफ़ेद और गोल थे एकदम, बिलकुल चाँद जैसा
हाँ, बिलकुल चाँद जैसा ही तो था
मैंने सोचा चाँद को आसमान से उतार के झूमर मैं लगा दूंगा
पापा को पता भी नहीं चलेगा
पहले मैं बालकनी में गया, पर लगा चाँद ऊपर है काफी
पर कल पापा को कहते सुना था की हम बड़े ऊँचे लोग हैं
पापा होते तो शायद चाँद बालकानी से उतार लेते
पर अब मुझे छज्जे तक जाना पड़ा
दबे पैर मैं छज्जे तक गया
पर चाँद तो उस से भी ऊँचा निकला
सोचा जब चाँद उन्गने लगेगा और मेरी तरह करवट बदलते वक़्त बिस्तर से गिर जायेगा तो झट से हवा में ही पकड़ लूँगा
तो इंतजार करते हुए मैं लेट गया
काफी इंतजार किया
घडी का बड़ा कांता पहले तीन पे था अब देखो आठ पे आ गया था
पापा लाये थे Birthday पे radium वाली घडी
फिर मुझे नींद आने लगी
मैंने सोचा सो जाते हैं
कल पूछेंगे तो बोल दूंगा, की देर रात गए बच्चे पकड़ने वाला पोटली बाबा आया था
मैंने चिल्लाया पर आप लोग आये ही नहीं
शोर सुना नहीं या फिर दोनों टीवी लगा के सो गए थे
फिर मैंने उसके सर पे झूमर फेंक के उसे डरा के भगा दिया
वो मान भी गए
जैसे पिछली बार दूध के ग्लास के बारे में मान गए थे
Ye khatarnaak hai ekdum!
ReplyDeleteKilling...jo bolo vo kam..subject,words, style..everything great! my most favourite so far :-)